Business shuru karne ke liye konse documents chahiye?

भारत में कोई भी व्यवसाय या उद्योग शुरू करने के लिए हर तरह की कागजी कार्रवाई पूरी करनी ज़रूरी होती है जिसमे बिज़्नेस लाइसेंसिंग या परमिट की कागजी कार्रवाई, नियोक्ता पहचान संख्या आवेदन, व्यवसायिक बैंक खाता खोलने का अनुरोध पत्र जैसे दस्तावेज़ो की आवश्यकता होती हैं, एक व्यवसाय के संचालन और प्रबंधन के लिए ज़रूरी दस्तावेजों व रिपोर्टों की आवश्यकता होती है, व्यावसायिक दस्तावेज़ आमतौर पर कई प्रकार की रिपोर्टों को संदर्भित करता है, जिनमें से प्रत्येक में अलग-अलग अनुभाग और जानकारी लिखित होती है। इस पोस्ट में जानेंगे कि business karne ke liye kya jaruri hai या किसी व्यवसाय या लघु उद्योग को शुरू करने के लिए कौनसे दस्तावेज़ो (Useful Documents to Start Business ) की ज़रूरत पड़ती है।

useful documents start business

बिज़नेस करने के लिए क्या ज़रूरी है?

कोई भी व्यवसाय शुरू करने के लिए कई सरकारी व क़ानूनी काग़ज़-पत्रो और लाइसेन्स या पर्मिट्स की आवश्यकता होती है जो आपको आपके व्यवसाय के संचालन के लिए अनुमति देते है, इसके अलावा बिज़्नेस बॅंक अकाउंट, यदि खाने के उत्पाद का व्यापार है तो फुड लाइसेन्स, काम के लिए मजदूर सहयोगी रखने के लिए लेबर परमिट, व्यवसाय किसी बिल्डिंग में है तो अग्नि सुरक्षा की अनुमति (फाइयर सेफ्टी परमिट), दुर्घटना बीमा जैसे कई ज़रूरी दस्तावेज़ो की आवश्यकता होती है। 

बिज़नेस के लिए कौनसे डॉक्युमेंट्स चाहिए?

किसी व्यवसाय को शुरू करने के लिए ज़रूरी इस सभी दस्तावेज़ो (useful documents to start business) की जानकारी विस्तार से नीचे दी गयी है –

निदेशक पहचान संख्या (Director Identification Number)

निदेशक पहचान संख्या (DIN), यह आठ अंकों की विशिष्ट पहचान नंबर है जो आपको आपके व्यवसाय के निदेशक के रूप में पहचान देती है और आपके व्यवसाय के लिए एक से अधिक निदेशक हो सकते हैं। किसी व्यवसाय के लिए यह नंबर प्रत्येक व्यक्ति को केंद्र सरकार द्वारा आवंटित किए जाते है जो किसी भी कंपनी का निदेशक बनना चाहता है या जो पहले से ही किसी कंपनी का निदेशक है और एक बार आबंटित डीआईएन (DIN) की आजीवन वैधता होती है।

उद्योग आधार (Udyog Aadhar)

भारत सरकार 2015 से उन लोगों के लिए उद्योग आधार की पेशकश करनी शुरू की थी जो सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) श्रेणी में अपना व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं। इसके लिए आपको ऑनलाइन आवेदन करना होता है और जिसके लिए आपको अपने आधार कार्ड की आवश्यकता होती है।

स्थायी खाता संख्या (Permanent Account Number)

भारत में कोई भी व्यवसाय खोलने के लिए आपको अपने स्वयं के स्थायी खाता नंबर की आवश्यकता होती है। यदि आपके पास अपना व्यक्तिगत Permanent Account Number है, फिर भी, आपको अपने व्यापार के लिए कर कानूनों का पालन करने हेतु अलग से Permanent Account Number की आवश्यकता पड़ती है।

माल और सेवा कर पंजीकरण (Goods & Services Tax Registration)

आज किसी भी व्यवसाय से जुड़े उत्पादों और सेवाओं के निर्माण या बिक्री में शामिल व्यवसायों को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) पंजीकरण यानी GST Registration की आवश्यकता होती है। जिसमे आपको आपके व्यवसाय के लिए एक जीएसटी नंबर प्रदान किए जाते है जो आपको किसी उत्पाद व सर्विस के लेनदेन के बिलिंग में काम आते है।  

डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाण पत्र (Digital Signature Certificate)

आपको किसी भी छोटे व्यवसाय के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न विभागों के साथ ऑनलाइन लेनदेन करने के लिए एक डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (Digital Signature Certificate) की आवश्यकता होती है जिसको आप भारत सरकार द्वारा अधिकृत डीएससी (DSC) विक्रेताओं के माध्यम से प्राप्त कर सकते है।

कंपनी का विधान (Article of Association)

एसोसिएशन लेख एक दस्तावेज हैं जो कंपनी के संचालन के लिए नियमों को निर्दिष्ट करता है और कंपनी के उद्देश्य को परिभाषित करता है। यह दस्तावेज़ बताता है कि संगठन के भीतर कार्यों को कैसे पूरा किया जाता है, जिसमें निदेशकों को नियुक्त करने की प्रक्रिया और वित्तीय अभिलेखों को संभालने की जानकारी शामिल होती है।

संस्थापन प्रलेख (Memorandum of Association)

मेमोरैंडम ऑफ़ एसोसिएशन, यह कुछ न्यायालयों में एक महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट दस्तावेज़ है। यह अक्सर ज्ञापन के रूप में जाना जाता है, एमओए साझेदारियों से संबंधित है यदि आप साझेदारी में कोई व्यवसाय करते है और यह प्रत्येक साझेदार और व्यवसाय के आचरण से संबंधित होता है।

चालू बैंक खाता (Business Bank Account)

व्यवसाय बॅंक अकाउंट के लिए बॅंक में चालू खाता व्यवसाय के नाम पर खोला जाता है जिससे आपको अपने व्यवसाय से भुगतान करने और धन राशि प्राप्त करने की अनुमति मिल जाती है, इसके अलावा वित्तीय लेनदेन के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट व अन्य आवश्यक दस्तावेज भी आपको बॅंक के द्वारा जारी किए जाते है।

आपकी कंपनी की वित्तीय स्थिति के आधार पर, कोई भी बैंक आपको ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान करने का निर्णय ले सकता है। इसका मतलब यह है कि यदि आपके चालू खाते में किसी विशेष समय पर अपर्याप्त धनराशि है तो भी बैंक भुगतान को चालू रखेगा, बस, बैंक इस सुविधा के लिए ओवरड्राफ्ट शुल्क लेते हैं।

बिज़नेस वेबसाइट (Business Website)

अपने व्यवसाय की वेबसाइट होने के कई अलग-अलग फायदे आपको मिल सकते हैं जैसे आप ग्राहकों को आकर्षित कर सकते हैं, ऑनलाइन ऑर्डर स्वीकार कर सकते है, अपने व्यवसाय की जानकारी दुनिया भर में प्रदर्शित कर सकते है। बिज़नेस वेबसाइट बना कर या सोशियल मीडीया अकाउंट बना कर आप अपने उत्पाद का एक तरह से विज्ञापन कर सकते है या लोगो तक अपनी कंपनी व उत्पाद की जानकारी पहुँचा सकते है। 

फायर सेफ्टी परमिट (Fire Safety Permit)

यदि आपके व्यवसाय में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शामिल होता है, तो आपको स्थानीय अग्निशमन विभाग से एक परमिट लेने की आवश्यकता होती है, यह परमिट या लाइसेंस (फायर सेफ्टी परमिट) प्रमाणित करता है कि आप अग्नि सुरक्षा के लिए नियमो का अनुपालन कर रहे है।

दुर्घटना बीमा (Accident Insurance)

मजदूरो को लगने वाली आकस्मिक चोटों, विकलांगता और मृत्यु के खिलाफ आपके व्यवसाय की प्रकृति के आधार पर, आपको श्रमिकों को बीमा के लिए कवरेज प्रदान करना पड़ सकता है, इसके लिए दुर्घटना बीमा करवाना ज़रूरी हो जाता है।

श्रम परमिट (Labor Permit)

आपको व्यवसाय के लिए किसी विशेष श्रेणी के मजदूरों या श्रमिकों की भर्ती करने की, अगर आवश्यकता होती है तो कुछ सरकारी नियमो के तहत आपको लेबर परमिट रखना अनिवार्य हो जाता हैं।

कर्मचारी बीमा (Employees State Scheme)

अपने व्यवसाय की प्रकृति और कर्मचारियों की संख्या के आधार पर, आपको स्वास्थ्य के लिए सरकार द्वारा प्रायोजित फंड कर्मचारी राज्य बीमा योजना (Employees State Insurance Scheme) की सदस्यता लेनी पड़ सकती है।

प्रोविडेंट फंड (Provident Fund)

पीएफ (प्रोविडेंट फंड) या ईपीएफ (एंप्लायी प्रोविडेंट फंड) एक सरकार द्वारा संचालित स्कीम है जिसको कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (एंप्लायी प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन) संभलता है। इस योजना में ऐसे कर्मचारी संगठन और कंपनियां शामिल होती हैं जिसमे 20 या उससे ज़्यादा कर्मचारी काम करते है।

भारत में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन सरकार के तहत इस योजना (प्रोविडेंट फंड) का संचालन करता है जिसमे नए कानूनों व नियमो के तहत, सरकार पैसे का एक हिस्सा पीएफ खाते (PF account) में योगदान करती है जहां नियोक्ता संयुक्त रूप से प्रत्यक्ष वेतन डेबिट (direct salary debit) के माध्यम से नकद जमा करते हैं।

यहा दिए गये सभी दस्तावेज़ो के साथ ही बिज़्नेस लाइसेन्स यानी व्यापार लाइसेंस भी एक व्यवसाय को शुरू करने के लिए उपयोगी दस्तावेज़ो (useful documents to start business) में से एक हैं।

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