How to Start Interior Design Business

Interior Decoration Business – इंटीरियर डिज़ाइन/डेकोरेटर/डिज़ाइनर का व्यापार/व्यवसाय/बिजनेस कैसे शुरू करें?

How to Start Interior Design Business

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भारत में आज इंटीरियर डिज़ाइन व्यवसाय सर्विस सेक्टर में बहुत ही लाभदायक विकल्प है, बढ़ते हुए आवास और निर्माण व्यवसाय के चलते लोगों में अपने घर, ऑफीस, दुकान जैसी जगह को डिज़ाइन करने और अच्छे से व्यवस्थित करने का क्रेज़ काफ़ी हद तक बढ़ा है, इस काम को करने के लिए हॉम डेकोर और इंटीरियर डिज़ाइनिंग कन्सल्टेंट एजेन्सीया अपने व्यवसाय को छोटे से बड़े स्तर पर कर रहे है।

ज़्यादातर लोग अपने नये घर के डेकोरेशन और पुराने घर के रेनोवेशन के लिए इंटीरियर डिज़ाइनर से सर्विस लेते हैं, यदि आपने इंटीरियर डिज़ाइन का कोर्स किया है या फिर इस फील्ड से जुड़े हो तो अपने अनुभव को एक अच्छे व्यवसाय में तब्दील कर सकते है, अगर आपने इंटीरियर का कोर्स नही किया है फिर भी आप इंटीरियर डिज़ाइनिंग का बिजनेस शुरू कर सकते है। 

बिना इंटीरियर डिज़ाइन का कोर्स किए यह व्यवसाय शुरू करने के लिए आपको इस काम का अनुभव प्राप्त करना पड़ेगा और साथ ही ड्राफ्टिंग भी सीखनी पड़ेगी। सबसे पहले आपको पहले से स्थापित किसी इंटीरियर डिज़ाइनर के साथ एक असिस्टेंट/सहायक के रूप में भी काम करना शुरू कर देना चाहिए, और इस काम के हर टेक्निकल/तकनीकी पहलू को बारीकी से समझने पर ज़ोर देना चाहिए, तकनीकी पहलू जितना बेहतर होगा, आपका ड्राफ्टिंग स्किल उतना ही बढ़िया होगा, और इस तरह आप इस काम में माहिर होते जाएँगे।

ड्राफ्टिंग सीखने के लिए आपको AutoCAD की बुनियादी शॉर्टकीज़ व ट्रिक्स (Short Keys & Tricks) की जानकारी हासिल करनी होगी यानी इंटीरियर डिज़ाइनिंग में AutoCAD का कोर्स करना होगा, या फिर खुद ही अभ्यास करके AutoCAD ड्राफ्टिंग में माहिर बनाना पड़ेगा ताकि किसी भी इंटीरियर प्रॉजेक्ट की प्लानिंग आप आसानी से कर पाएँगे।

Interior Design Business in Hindi

भारत में इंटीरियर डिजाइनिंग का स्कोप

भारत में इंटीरियर डिजाइनिंग व्यवसाय का स्कोप आज पहले की तुलना में बहुत अधिक प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है। हाउसिंग व्यवसाय की अधिक आवश्यकता के साथ अच्छे इंटीरियर डिजाइनरों की अधिक मांग भारत के शहरी इलाक़ो में आई है, और इस मांग को पूरा करने के लिए कई लोगो ने इस व्यवसाय में कदम बढ़ाया है। इस क्षेत्र में रचनात्मक इंटीरियर डिज़ाइन पेशेवरों की निरंतर मांग के साथ, इंटीरियर डिज़ाइन के पाठ्यक्रमों की पेशकश करने वाले कई संस्थान भी स्थापित हुए हैं।

डिजाइनिंग कोर्स का दायरा पाठ्यक्रम के प्रकार और पाठ्यक्रम की पेशकश करने वाले संस्थान की क्षमता के आधार पर अलग-अलग होता है, लेकिन सामान्य तौर पर इस तरह के पाठ्यक्रमों की पेशकश करने वाले टॉप संस्थान इस प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में सफल होने के लिए आवश्यक सभी कौशल और साधनों से उम्मीदवारों या इंटीरियर डिज़ाइनिंग के छात्रों को लैस करते हैं।

इंटीरियर डिजाइनिंग से जुड़े कई अलग-अलग तरह के कोर्स आज उपलब्ध हैं जिनमें से आप कोई भी एक विकल्प चुन सकते हैं, जैसे इंटीरियर डिजाइन में बीसीएस, इंटीरियर डिजाइन में डिप्लोमा और इंटीरियर डिजाइन में एमबीए। उम्मीदवारों को इन कोर्स के पाठ्यक्रमों का पूरा उपयोग करने के लिए कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता हैं।

इंटीरियर डेकोरेशन के इस फील्ड में कई इंटीरियर डिजाइनर कार्यरत है, भारत में इंटीरियर डिजाइनिंग के व्यवसाय में निम्नलिखित क्षेत्र शामिल हैं, जिनमे इस काम को जगह मिलती है –

  • आवासीय इंटीरियर (Residential Projects)
  • ऑफीस इंटीरियर (Workplace Projects)
  • कमर्षियल इंटीरियर (Commercial Projects)
  • अस्थायी प्रदर्शनी इंटीरियर (Temporary Exhibition Projects)

इंटीरियर के काम के दायरे में व्यापक विविधता को देखते हुए, एक सक्षम इंटीरियर डिजाइनर के पास इस क्षेत्र में काम करने का बहुत ज़्यादा स्कोप है। भारत के बड़े शहरो में इंटीरियर डिज़ाइन के व्यवसाय में काफ़ी कॉंपिटेशन है, लेकिन ग्राहक के बजट के हिसाब से देखा जाए तो इस काम कोई भी आसानी से सफल हो सकता है क्योकि बहुत से ग्राहक ऐसे होते है, जिनका कम खर्च में इंटीरियर का काम पूरा करना होता है, ऐसे में वे किसी छोटे या नये इंटीरियर डिज़ाइनर को काम देते है।

अगर छोटे शहरो की बात करे तो वहा बहुत कम लोग किसी इंटीरियर डिज़ाइनर को डेकोरेशन के काम के लिए हायर करते है, फिर भी समय के साथ-साथ सब कुछ बदल रहा है और इस काम की डिमांड बढ़ रही है। इस प्रकार किसी भी शहर में इंटीरियर डेकोरेशन के व्यवसाय को शुरू करना बहुत ही लाभदायक विकल्प हो सकता है।

इंटीरियर डिजाइनर बनने के लिए क्या करे?

एक पेशेवर इंटीरियर डिज़ाइनर बनने के लिए आपको इंटीरियर डिज़ाइन का कोर्स करना होगा, जो की आप अपनी स्कूलिंग के बाद या स्नातक स्तर की पढ़ाई के बाद जाय्न कर सकते है, जिसमे आपको इंटीरियर डेकोरेशन के काम से संबंधित हर एक सैद्धांतिक व तकनीकी जानकारी दी जाती है और इंटीरियर के डिज़ाइन व प्लान बनाने के हेंड ड्राफ्टिंग व AutoCAD ड्राफ्टिंग सिखाई जाती है जो की इस काम को करने का बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। इंटीरियर डिज़ाइनर बनने के लिए इंटीरियर डिज़ाइन के अंतर्गत उपलब्ध कोर्स इस प्रकार है –

1. Short Term Courses (अल्पकालिक पाठ्यक्रम)

  • Certificate in Print Design for Apparel & Home
  • Professional Certificate in Styling for Interior
  • Certificate in Styling for Home
  • Certificate in Textiles for Interiors & Fashion

2. Diploma Courses (डिप्लोमा पाठ्यक्रम)

  • Diploma in Interior Designing
  • Master Diploma in Interior Designing
  • Advance Diploma in Interior Designing

3. Undergraduate Courses (स्नातक पाठ्यक्रम)

  • B.Sc. in Interior Designing
  • B.Sc. in Interior Design and Decoration
  • International Dual Degree Programme in Interior Designing
  • UG Program in Interior Design

4. Postgraduate Courses (परास्नातक पाठ्यक्रम)

  • PG Program in Interior Design & Styling
  • M.Voc (Master of Vocation) in Interior Designing & Business Management

यदि आप किसी डिग्री या डिप्लोमा के बिना ही इंटीरियर डिजाइन का व्यवसाय शुरू करना चाहते है और एक सफल इंटीरियर डिज़ाइनर बिना किसी इंटीरियर कोर्स के बनाना चाहते है तो इसके लिए अलग से एक पोस्ट है, आप वो पढ़ सकते है – Click Here

इंटीरियर डिजाइन व्यवसाय कैसे शुरू करें?

एक सफल इंटीरियर डिज़ाइन व्यवसाय शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको एक बिजनेस मास्टर होने के साथ-साथ एक अच्छा इंटीरियर डिजाइनर बनने की आवश्यक योग्यता और बुनियादी कौशल हासिल करने की बहुत ज़रूरत है। इंटीरियर डिजाइनिंग के व्यवसाय को शुरू करने के लिए आवश्यक स्किल कुछ इस प्रकार है जो आप में होनी चाहिए –

  • तकनीकी विवरण से निपटने की क्षमता
  • एक टीम में काम करने की क्षमता
  • वैज्ञानिक अभिवृत्ति (Scientific Aptitude)
  • ड्रॉयिंग बनाना या ड्राफ्टिंग स्किल
  • विश्लेषणात्मक दिमाग (Analytical Mind)
  • दृश्य संवेदनशीलता (Visual Sensitivity)
  • रंग का सेन्स (Color Sense)
  • किसी दिए गए बजट में काम करने की क्षमता
  • अच्छा संचार कौशल / कम्यूनिकेशन स्किल
  • टेक्सचर और मेटीरियल का ज्ञान

इंटीरियर डेकोरेशन व्यवसाय को शुरु करने के लिए तैयारी के तौर पर आपको कुछ उपकरण जैसे कंप्यूटर, लॅपटॉप, प्रिंटर, AutoCAD का सॉफ्टवेर, ड्रॉयिंग बुक, मापने की टेप और ऑफीस स्पेस व ऑफीस फर्निचर की आवश्यकता होगी, यदि आप ऑफीस स्पेस नही ले सकते है तो आप घर से भी इस काम की शुरूवात कर सकते है।

इस व्यवसाय के शुरूवात में आपको इंटीरियर का प्रॉजेक्ट प्राप्त करने के लिए अपने जानकार लोगो को इसके बारे में जानकारी देनी चाहिए और प्लाइवुड, लॅमिनेट्स, हार्डवेर्स, टाइल्स आदि के वेंडर्स से जाकर अपने व्यवसाय के बारे में जानकारी देनी चाहिए व सहकार्यता का प्रस्ताव देना चाहिए, इसके अलावा अपने इस व्यवसाय के लिए फर्म का नाम चुने और बिज़नेस कार्ड बनवा ले, ताकि कोई ग्राहक आपको आसानी से कॉंटॅक्ट कर पाए। 

इंटीरियर बिजनेस registration & license permit

अन्य व्यवसायो की तरह आपको इंटीरियर डिज़ाइन के व्यवसाय को औपचारिक रूप से स्थापित करने के लिए बिज़नेस लाइसेंस और अनुमति प्राप्त करना बहुत ज़रूरी होता है, ताकि आप अपने फर्म या कंपनी के नाम को रजिस्टर कर पाए। इंटीरियर डिज़ाइन कंपनी का लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपके पास इंटीरियर डिजाइन की डिग्री या डिप्लोमा और इसके साथ इस फील्ड में दो साल काम करने अनुभव होना बहुत ज़रूरी है।

इंटीरियर बिजनेस investment & profit

इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए आपको कुछ ज़्यादा निवेश करने की आवश्यकता नही है, यदि आपके पास एक अच्छा कंप्यूटर है तो, अगर नही है तो आपको कंप्यूटर, प्रिंटर, ड्राफ्टिंग सॉफ्टवेर व अन्य चीज़े खरीदने के लिए तकरीबन 50,000 से लेकर 1,00,000 रुपये तक की ज़रूरत पड़ सकती है, सिर्फ़ शुरूवाती तौर पर।

औपचारिक रूप से बड़े स्तर पर इंटीरियर डेकोरेशन के व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आपको बिज़्नेस रजिस्टर करने या लाइसेन्स प्राप्त करने, ऑफीस रेंट पर लेने, ऑफीस फर्निचर खरीदने, बिज़्नेस को प्रमोट करने आदि सब के लिए कम से कम 2,50,000 से 5,00,000 रुपये तक निवेश अवश्य ही करना पड़ सकता है।

इस व्यवसाय में प्रॉफिट/लाभ मार्जिन की बात की जाए तो इसमे प्रॉफिट बहुत अच्छा प्राप्त कर सकते है, जो कि निर्भर करता है प्रॉजेक्ट के फॉर्म पर जैसे टर्नकी प्रॉजेक्ट (turnkey project), प्रॉजेक्ट कन्सल्टेंट, डिज़ाइन व प्लान प्रोवाइडर, सर्विस व प्लान प्रोवाइडर आदि सब।

यदि आप सिर्फ़ डिज़ाइन व प्लान किसी ग्राहक को देते है तो आपको एक निश्चित अमाउंट ही मिलेगा, जिसको आप इस व्यवसाय के मार्केट के हिसाब से तय कर सकते है, यदि आप डिज़ाइन-प्लान व सर्विस दोनो प्रदान करते है तो टोटल बजट का 10-15 % चार्ज कर सकते है, और यदि आप ‘टर्नकी’ प्रॉजेक्ट लेते है यानी आप अपनी सर्विस के साथ- साथ मेटरियल व लेबर भी आप खुद प्रदान करते है तो ग्राहक के बजट के हिसाब से या फिर एक अमाउंट / Sq.ft के हिसाब से चार्ज कर सकते है, जिसमे आप अच्छा ख़ासा पैसा कमा सकते है।

इंटीरियर डिज़ाइन प्रोजेक्ट कैसे प्राप्त करें – How to get your first interior design client or project?

इंटीरियर डिज़ाइन का काम सीखने और इस व्यवसाय को स्थापित करने के बाद सबसे ज़रूरी पहलू ये है कि कैसे अपना पहला ग्राहक या प्रॉजेक्ट प्राप्त किया जाए, इसके लिए आपको लोगो को अपने इस व्यवसाय के बारे में बताना चाहिए, उनको अपना विज़िटिंग कार्ड देना चाहिए, उनको आपका कॉंटॅक्ट नंबर रेफर करने व आपके बारे में दूसरो को बताने के लिए निवेदन करना चाहिए, अपने व्यवसाय का सोशियल मीडीया पर अकाउंट बनाना चाहिए, अपनी वेबसाइट बना कर उस पर इंटीरियर डिज़ाइन का पोर्टफोलिया अपलोड करना चाहिए, इन तरीक़ो के अलावा कुछ और भी नीचे दिए गये तरीक़ो को इंटीरियर डिजाइन ग्राहक व प्रॉजेक्ट प्राप्त करने के लिए अपनाना चाहिए।

  • सबसे प्रभावी तरीका ‘वर्ड-ऑफ-माउथ’ यानी ऐसा कुछ करे की लोग खुद दूसरो को आपकी सिफारिश करे।
  • अपने व्यवसाय का विज्ञापन करे और ग्राहको को लुभाने वाले ऑफर्स निकाले।
  • अपने शहर के डेकोरेशन सामग्री विक्रेताओं, प्लाइवुड वेंडर, हार्डवेर वेंडर, टाइल्स वेंडर आदि से कॉंटॅक्ट करना चाहिए।
  • अपने शहर में ज़्यादा से ज़्यादा सार्वजनिक संबंध बनाए और लोगो को संपर्क करे।

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