साइबर क्राइम लॉ (Cyber Law) क्या होता है?

indian cyber crime law kya hai in Hindi

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार साइबर कानून (Indian cyber crime law) इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजो, ई-फाइलिंग और ई-कॉमर्स के लेनदेन का समर्थन करने के लिए एक कानूनी मान्यता देता है।

भारत में साइबर अपराधों को कम करने व उनकी जांच करने के लिए एक कानूनी संरचना प्रदान करता है। भारत में साइबर कानून का अनुबंध, बौद्धिक संपदा, डेटा संरक्षण और गोपनीयता कानूनों का एक संयोजन है।

साइबर कानून सूचना, सॉफ्टवेयर, सूचना सुरक्षा, ई-कॉमर्स और मौद्रिक लेनदेन के डिजिटल संचलन की निगरानी करता हैं। सभी आपराधिक गतिविधियां जैसे कि चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और शरारत साइबरस्पेस का हिस्सा हैं, इन्हें भारतीय दंड संहिता में शामिल किया हुआ है।

Indian Cyber Crime Law क्या है?

साइबर कानून या साइबर अपराध कानून (cyber crime law) ऐसा लॉ / कानून होता है जो कंप्यूटर हार्डवेयर & सॉफ्टवेयर, इंटरनेट, और नेटवर्क सहित प्रौद्योगिकी के स्वीकार्य व्यवहार इस्तेमाल पर केंद्रित है। साइबर कानून उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन आपराधिक गतिविधि की जांच और अभियोजन को सक्षम करके साइबर अटैक जैसे क्राइम के नुकसान से बचाने में मदद करता है।

देश में इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स और गवर्नेंस के लिए अधिकतम कनेक्टिविटी और न्यूनतम साइबर सुरक्षा जोखिम सुनिश्चित करने का काम करता है, (Indian Cyber Law ) साइबर कानून/लॉ, इसके साथ ही इस कानून की वजह से इंटरनेट के इस्तेमाल का दायरा बढ़ा है, यानि डिजिटल माध्यमों के उपयोग का विस्तार भी भारत में हुआ है।

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भारत में साइबर कानून का उपयोग करके किसी भी साइबर क्राइम / अपराध को रोकता हैं, साइबर क्राइम के लिए कानून नागरिकों को संवेदनशील जानकारी को एक अजनबी को ऑनलाइन भेजने से बचाता है। भारत में साइबर कानून (law for cyber crime) की शुरूआत 2008 में, आईटी (IT) अधिनियम 2000 [Information Technology Act 2000 (IT Act)] के रूप में हुई थी और भारत में साइबर कानून के तहत विभिन्न प्रकार के अपराधों को कवर किया जाता है, जैसे –

‣ साइबर अपराध/क्राइम/जुर्म
‣ इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल हस्ताक्षर में धोखाधड़ी
‣ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) में धोखाधड़ी
‣ डेटा संरक्षण/गोपनीयता मामले में धोखाधड़ी

साइबर लॉ (Cyber Crime Law) इसलिए जरुरी या महत्वपूर्ण है, क्योकि भारत में साइबर crime/अपराध अधिनियम में शामिल हैं, जो इंटरनेट पर लेनदेन के पहलु और इंटरनेट & साइबरस्पेस पर होने वाली गतिविधियां के मामलो को शामिल करता हैं। भारत में टेक्नोलॉजी के उपयोग पर निर्भरता में वृद्धि के साथ, साइबर कानून की आवश्यकता महत्वपूर्ण है।

सभी ऑनलाइन गतिविधियां साइबर लॉ (Cyber Law) के तहत जांच के दायरे में आती है लेकिन कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जिन पर भारत में साइबर क्राइम कानून (Indian Cyber Crime Law) लागू नहीं होता हैं, जैसे –

‣ पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी
‣ विल या वसीयतनामा
‣ अचल संपत्ति की बिक्री या संप्रेषण का अनुबंध
‣ केंद्र सरकार अधिसूचित दस्तावेज और लेनदेन

साइबर क्राइम लॉ (IT Act) का उद्देश्य

भारत में बनाने के कुछ ख़ास मकसद है, जैसे –
‣ सभी ई-लेनदेन (Online Transactions) के लिए कानूनी मान्यता प्रदान करना।
‣ ऑनलाइन समझौतों को स्वीकार करने के लिए एक वैध हस्ताक्षर के रूप में डिजिटल हस्ताक्षर को कानूनी मान्यता देना।
‣ बैंको के साथ-साथ अन्य संगठनों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप में लेखांकन पुस्तकों को रखने के लिए कानूनी मान्यता देना
‣ऑनलाइन गोपनीयता की सुरक्षा को बढ़ाना।
‣ साइबर अपराधों (Cyber Crimes) को रोकना।

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