Artificial Intelligence (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) in Hindi

artificial intelligence kya hai

रोबॉट्स के बारे में हर कोई जानता है की रोबोट इंसान के द्वारा बनाई गयी एक मशीन होती है, जो कमांड्स के ज़रिए इंसानो के जैसे ही काम करते है, मशीनों में मानव बुद्धि / इंसानो के दिमाग़ के अनुकरण को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस‘ (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) कहते है, इन मानवनिर्मित मशीन को इंसानो की तरह सोचने और उनके कार्यों की नकल करने के लिए प्रोग्राम किया जाता हैं। इस पोस्ट में विस्तार से जानेगे artificial intelligence kya hai और इस (AI) तकनीक से दुनिया को क्या फायदा हुआ है।

1. What is Artificial Intelligence in Hindi – Artificial Intelligence kya hai/kya hoti hai/h – Artificial Intelligence in Hindi – AI ki jankari/essay in Hindi
2. How many types of Artificial Intelligence – AI Type – Artificial Intelligence kitne prkar/tarah ke hote hai?
3. History Of Artificial Intelligence In Hindi – Artificial Intelligence ki khoj kisne ki?
4. Artificial intelligence uses in Hindi – AI ka upyog/istemal
5. Applications of Artificial intelligence in Hindi – AI के Applications
6. Advantages & Benefits of artificial intelligence in Hindi – AI के fayde/fayda/labh
7. Disadvantages of artificial intelligence in Hindi – AI/Artificial intelligence ke nuksan

Artificial Intelligence kya hai?

विज्ञान और कंप्यूटर का एक संयुक्त गुण, जो किसी सिस्टम या मशीन को इंसानो को जैसे इंटेलिजेंट बनाता है, जैसे इंसानो और जानवरों की बुद्धिमत्ता प्राकृतिक बुद्धि होती है, वैसे ही मानव निर्मित कृत्रिम मशीनों की बुद्धिमत्ता को प्रदर्शित की जाने वाली तकनीक को ‘कृत्रिम बुद्धि’ यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (artificial intelligence) कहते है।

मशीनों में मानव बुद्धि के अनुकरण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक AI Technology होती है जो मशीनों में मनुष्यों की तरह सोचने और काम करने की क्षमता प्रदान करती है। ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ शब्द इंसानो से जुड़े लक्षणों जैसे कि सीखने और समस्या को सुलझाने में प्रदर्शित करता है।

किसी मशीन की क्षमता जो मानव बुद्धि का अनुकरण करने में उस मशीन को सक्षम बनाती है, और सीखने, तार्किक समाधान करने, नयी धारणा बनाने, रचनात्मकता काम करने जैसी गतिविधिया करने के लिए एक मशीन को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने वाली तकनीक आर्टिफिशियल या मशीन इंटेलिजेंस कहलाती है।

यह एक जटिल तकनीक है जिसमें किसी भी प्रॉजेक्ट जैसे इंटेलिजेंट मशीन या रोबोट बनाने और इसके अंतिम परिणाम प्राप्त करने के लिए कई घटकों और कार्यप्रणाली का उपयोग किया जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मानव मस्तिष्क के सोचने, सीखने और निर्णय लेने के तरीकों के अध्ययन से प्राप्त जैविक तंत्रों को कंप्यूटर पर लागू करके, बनाया गया है, जो एक मशीन को सही इनपुट और वांछित परिणाम प्रदान करने पर सटीक आउटपुट, और तर्क प्रदान करती हैं।

AI तकनीक पर आधारित एक रोबोट को हैनसन रोबोटिक्स के संस्थापक डेविड हैनसन ने 2016 में बनाया था जिसका मान ‘सोफिया’ रखा गया, जो भारत के सबसे बड़े टेक फेस्ट-2017 में भारत में भी आई थी।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कितने प्रकार की होती है?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धि) मुख्य रूप से चार प्रकार की होती हैं जैसे –

प्रतिक्रियाशील मशीनें (Purely Reactive Machines)
सीमित स्मृति (Limited Memory)
मन का सिद्धांत (Theory of Mind/Brain)
आत्म-जागरूकता (Self Awareness/Conscious)

Artificial Intelligence का इतिहास kya hai?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी, और इसके महत्व को 1970 के दशक में पूर्णत पहचान मिली थी, जिसके जनक जॉन मैकार्थी (John McCarthy) है, जो एक अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक और संज्ञानात्मक वैज्ञानिक थे। उनके अनुसार यह तकनीक बुद्धिमान मशीनों को बनाने का विज्ञान और अभियांत्रिकी है। जिसके ज़रिये रोबोटिक कंप्यूटर सिस्टम तैयार किया जाता है, और मानव मस्तिष्क तर्कों के आधार पर इन रोबॉट्स को चलाने का प्रयास किया जाता है। कंप्यूटर के द्वारा नियंत्रित किए जाने वाले रोबोट और इंसानो की तरह इंटेलिजेंस तरीके से सोचने वाले सॉफ़्टवेयर तैयार करने एक तरीका Artificial Intelligence तकनीक है।

सबसे पहले जापान ने 1981 में फिफ्थ जनरेशन (Fifth Generation Computer Systems) FGCS नाम की योजना बनाई, ब्रिटेन ने ‘एल्वी’ नाम का प्रोजेक्ट बनाया, यूरोपीय संघ के देशों ने ‘एस्प्रिट’ नाम के एक प्रोग्राम की शुरुआत की और 1983 में कुछ प्राइवेट संस्थाओं ने एक साथ मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित कई उन्नत तकनीकों की स्थापना की जैसे कि Very Large Scale Integrated Circuit बनाने के लिये एक ‘माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड कंप्यूटर टेक्नोलॉजी’

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कहा-कहा होता है?

किसी जटिल सिस्टम को चलाने, नई मेडिसिन्स बनाने, नए केमिकल की खोज करने, खनन उद्योग, शेयर बाज़ार, बीमा कंपनियां, स्पेस तकनीक जैसे मानव जीवन के हर क्षेत्र में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस दखल है।

एयर ट्रैफिक कंट्रोल (हवाई जहाज़ के आने जाने / यात्रा के दिशानिर्देश) के लिये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा, यदि किसी काम को करने में इंसानो को ज़्यादा समय लगता है तो AI तकनीक से निपुण मशीन जैसे रोबॉट्स उसी काम को बहुत जल्द पूरा कर देती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक वाली मशीनों का इस्तेमाल एक नये अनुभव से किसी स्किल को सीखने, नए इनपुट को समायोजित करने और मानव द्वारा किए जाने वाले कार्य इन मशीनों से संभव हो रहा है, इस तकनइका का उपयोग ऑनलाइन शतरंज खेलने वाले कंप्यूटरों से लेकर स्वयं-ड्राइविंग कारों तक, शिक्षा से लेकर प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण तक हो रहा हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अप्लिकेशन्स

कंप्यूटर गेम (Computer Gaming)
विशेषज्ञ प्रणाली (Expert System)
दृष्टि प्रणाली (Vision System)
वाक्/भाषण पहचान (Speech Recognition)
बुद्धिमान रोबोट (Intelligent Robot)
प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (Natural Language Processing)

Artificial Intelligence के फायदे kya hai?

◾ इस तकनीक के लैस मशीनों को इंसानों की तरह काम से ब्रेक लेने और रिफ्रेशमेंट की आवश्यकता नहीं होती है, यानी लंबे समय तक काम करने के लिए इन मशीनों को प्रोग्राम किया जाता है।
◾ समय और सीज़न की परवाह किए बिना इस मशीनों का उपयोग करके हम अच्छे परिणामों की अपेक्षा कर सकते हैं।
◾ यदि हम स्मार्टफोन का उपयोग कर रहे हैं, तो इसका परोक्ष रूप से मतलब यह है कि हम एआई तकनीक का आनंद ले रहे हैं।
◾ हम लॉन्ग ड्राइव और ट्रिप के लिए जीपीयेस की मदद लेते हैं, यह तकनीक से ही संभव हो पाया है।
◾ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिथ्म व्यक्ति के चेहरे की पहचान करता है और उसका पता लगाता है, इससे स्मार्ट फोन और सोशियल मीडीया यूज़र अच्छे से वाकिफ़ है।
◾ डेटा को व्यवस्थित और प्रबंधित करने के लिए वित्तीय संस्थानों और बैंकिंग क्षेत्रों द्वारा एआई तकनीक को व्यापक रूप से काम में लिया जाता है।
◾ इन सब के अलावा डिजिटल सहायता में, चिकित्सा अनुप्रयोग में, खतरनाक अन्वेषण में, किसी काम में त्रुटि से बचने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल व्यापक रूप से संभव हो पा रहा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नुकसान क्या-क्या है?

◾ AI से चलित रोबॉट्स ने कई फील्ड में लोगो की नौकरिया ख़त्म करने का काम किया है, जैसे बिना ड्राइवर वाली कार, प्रॉडक्ट असेमबल करने वाली मशीन आदि।
◾ इस तकनीक से बनी मशीन की वजह से इंसानो की अपने दिमाग़ पर निर्भरता ख़त्म होती जाएगी और इंसान आलसी बन जाएँगे।
◾ इससे बने उत्पाद का रखरखाव खर्चीला होगा, तो हर कोई इनका इस्तेमाल नही कर पाएगा।

E-Passport / People Card / Google Meet

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