Effects of Internet – दिमाग पर इंटरनेट का असर कैसे पड़ता है?

इंटरनेट हमें रोजाना नई जानकारी प्रदान करके हमें अधिक स्मार्ट और समझदार बना रहा है जो कि हमारे दिमाग़ की गुणवत्ता में सुधार करके हमको प्रभावित करता है और इंटरनेट पर हमारी बढ़ती हुई निर्भरता, चुपचाप रहने के स्वभाव को बढ़ा रही है जो बहुत खतरनाक (effects of internet) है।

Contents: Effects of Internet

 
किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त करने से लेकर शिक्षा, कार्यालय के काम, बैंकिंग, मनोरंजन, यात्रा, दुनिया भर में होने वाली घटनाओं और करंट अफेयर्स जैसी अन्य जरूरतों को पूरा करने तक इंटरनेट ने हमारे जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है।
 
effects of internet on human

I feel like with the whole Internet era, people can be so judgmental and evil online. – Jeffree Star

इंटरनेट हमारी बुद्धि को किस तरह प्रभावित कर रहा है?

इंटरनेट का प्रभाव हर इंसान के दिमाग़ पर अलग-अलग होता है, इंटरनेट से दिमाग़ पर पड़ने वाले नकारात्मक परिणाम से बचने के लिए इंटरनेट का उपयोग कम मात्रा में और ज़रूरत के हिसाब से करना होगा।

यदि सही तरीके से इंटरनेट का उपयोग किया जाता है तो यह सार्थक साबित होगा, ज्ञान प्राप्त करने में, ज़रूरी जानकारी पाने में, सफलता और प्रगति के लिए।

ज़्यादा इंटरनेट पर निर्भर रहना भी आपकी सोच व  रचनात्मक क्षमताओं को नुकसान पहुंचा सकता है इसलिए इसे एक सहायक उपकरण के रूप में उपयोग करना ही बेहतर होगा।

क्या इंटरनेट हमारी रचनात्मकता और कल्पना को कमजोर कर रहा है?

तकनीकी और इंटरनेट का कभी खत्म ना होने वाले उपयोग, हमारी कल्पना और रचनात्मकता शक्ति को कम कर रहा है इसलिए इंटरनेट से हमारी मस्तिष्क शक्ति नकारात्मक तरीके से प्रभावित हो रही है।

जब सब कुछ टेम्प्लेट और पूर्व-डिज़ाइन किए गए पैटर्न के रूप में इंटरनेट पर प्रदान किया जा रहा है तो इससे सोचने और कल्पना करने की शक्ति कम हो जाती है। इंटरनेट ने किसी चीज़ पर शोध करने और कुछ खुद से कोसिस करके देखने की क्षमता को बाधित किया है। 

इसका परिणाम यह है कि छात्र जायदातर किसी काम को नकल करके चिपकाने पर भरोसा करते हैं जो कि पहले से ही उपलब्ध है और अपनी स्वयं की कल्पना और सोच क्षमताओं से कुछ भी बनाने और बनाने में प्रयास नहीं करते हैं।

धीरे-धीरे इंटरनेट दिमागों को उन रोबोटों में बदल रहा है और स्वयं के रचनात्मकता को नुकसान पहुचा रहा है, इससे साहित्यिक चोरी की दर में भी तेजी से वृद्धि हुई है। 

मुख्य रूप से आज हर कोई गूगल का उपयोग करके खोज करने और दूसरों को काम देने पर निर्भर हो रहा है। इस तरह बुद्धि और मस्तिष्क की शक्ति लगातार तेज़ी से नीचे की ओर जा रही है। 

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क्या हमे सोशल नेटवर्किंग की लत पड़ रही है?

सोशियल मीडीया, एक और तरीका जिसमें इंटरनेट (effects of internet) हमारी बुद्धि को प्रभावित कर रहा है लोगो में लाइक और कमेंट के लिए जुनून सवार रहता है और अजनबी लोगो के किए गये कॉमेंट्स से ग़लत धारणाए बन जाती  है। 

सोशल मीडिया की इस नकली दौड़ में लोगों को लगातार उनके दोस्तो के हिसाब से आंका जा रहा है। हर कोई दूसरे व्यक्ति पर कॉमेंट्स करके उनको लगातार प्रभावित करने की कोशिश करता है।

हर कोई खुद की एक ऐसी छवि बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं ताकि दूसरों के द्वारा उनकी सराहना की जाए, इस तरह का नकारात्मक वातावरण व्यक्ति की स्वयं की क्षमता को बहुत प्रभावित करता है। दुनिया के सामने एक झूठी छवि रखकर, दूसरो से बेहतर होने की मान्यता प्राप्त करना आसान होता जा रहा है।

2 Replies to “Effects of Internet – दिमाग पर इंटरनेट का असर कैसे पड़ता है?”

  1. Enjoyed examining this, very good stuff, thankyou. “Nothing happens to any thing which that thing is not made by nature to bear.” by Marcus Aurelius Antoninus.

  2. बिल्कुल सही बात है आपके इस आर्टिकल से जानकारी मिली कैसे लोग फेसबुक , व्हाट्सअप के massage को बार बार खोल कर देखते है कि कितना लाइक मिला ,अब तो जाने कितने सोशल मीडिया प्लेटफार्म है हर व्यक्ति इन्ही में रोज दो तीन घण्टे दे रहा है ,कुछ दिन बाद सोशल मीडिया से जुड़ी कई मानसिक बीमारियां न पैदा हो जाये ,मनोवैज्ञानिक डॉक्टर की भविष्य में बहुत जरूरत पड़ सकती है ,ड्रग एडिक्शन की तरह सोशल मीडिया एडिक्शन बहुत खतरनाक है।

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